राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का 28वां दिवस पर अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार परिषद के राष्ट्रीय चेयरमैन एमएस खान ने देश वासियों को दी हार्दिक शुभकामनाएं
Aftab Khan,,,. मानवाधिकार मीडिया AMMP 24 News

आपको बता दें, (12 Oct 2021 12) को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का 28 वां दिवस पर अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार परिषद के राष्ट्रीय चेयरमैन एमएस खान सभी देशवासियों को बधाई दी और कहा कि 12 अक्टूबर, 1993 में भारत सरकार ने राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग का गठन किया तथा 28 सितंबर 1993 से भारत में मानव अधिकार कानून अमल में आया।
जिसमें बाल विवाह, महिला अधिकार, बाल मजदूरी, स्वास्थ्य, एचआईवी (एड्स), भोजन, हिरासत और मुठभेड़ में होने वाली मौत और अल्पसंख्यकों और अनुसूचित जाति और जनजाति के अधिकार आदि शामिल किया। श्री खान ने बताया कि 10 दिसंबर 1948 को यूनाइटेड नेशन्स की जनरल एसेम्बली ने मानव अधिकारों की सार्वभौम घोषणा को स्वीकृत और घोषित किया। इस ऐतिहासिक कार्य के बाद ही एसेम्बली ने सभी सदस्य देशों से अपील की कि वे इस घोषणा का प्रचार करें और देशों या प्रदेशों की राजनीतिक स्थिति पर आधारित भेदभाव का विचार किए बिना विशेषतः स्कूलों और अन्य शिक्षा संस्थाओं में इसके प्रचार, प्रदर्शन और व्याख्या का प्रबंध करें। इस घोषणा में न सिर्फ मनुष्य जाति के अधिकारों को बढ़ाया गया बल्कि महिलाएं और पुरुषों को भी समान अधिकार दिए गए। श्री खान ने कहा कि मूलभूत सार्वभौमिक अधिकार हैं, जिनसे मनुष्य को नस्ल, जाति, राष्ट्रीयता, धर्म, लिंग आदि किसी भी दूसरे कारक के आधार पर वंचित नहीं किया जा सकता। श्री खान ने कहा कि किसी भी मनुष्य की जिंदगी में आजादी, बराबरी और सम्मान का अधिकार सिर्फ मानवाधिकार हीं देता है । भारतीय संविधान इस अधिकार की न सिर्फ ग्यारंटी देता है, बल्कि इसे तोड़ने वाले को अदालत सजा भी देती है।
एमएस खान राष्ट्रीय चेयरमैन