05 अप्रैल 2022: अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार परिषद के स्थापना दिवस के मौके पर प्रधान कार्यालय पर इफ्तार पार्टी का ज्याफत कर धूम से मनाया गया:
Aftab Khan ××××××× Human Rights Media Council AMMP 24 News Date: 05 APR 2022



आपको बता दें अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार परिषद के चेयरमैन श्री एमएस खान जी के दिशा-निर्देश पर प्रधान कार्यालय पर 05 अप्रैल ष2022 को अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार परिषद का स्थापना दिवस रमजानुल मुबारक के मौके पर इफ्तार पार्टी की ज्याफत कर धूम से मनाया जिसके मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री आफताब खान जी रहे, राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मुबारक मौके पर जनता को संबोधित करते हुए लिखा है कि मानव के जन्म लेने के साथ ही उसके अस्तित्व को बनाये रखने के लिए कुछ अधिकार उसको स्वतः मिल जाते हैं और वह उनका जन्मसिद्ध अधिकार होता है। इस दुनिया में प्रत्येक मनुष्य के लिए अपनी बुनियादी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए अधिकार एक मनुष्य होने के नाते प्राप्त हो जाता है। चाहे वह अपने हक के लिए बोलना भी जानता हो या नहीं। एक नवजात शिशु को दूध पाने का अधिकार होता है और तब वह बोलना भी नहीं जानता। लेकिन माँ उसको स्वयं देती है और अगर नहीं देती है तो उसके घरवाले, डॉक्टर सभी उसको इसके लिए कहते हैं, क्योंकि ये उस बच्चे का हक है और ये उसे मिलना ही चाहिए। एक बच्चे के अस्तित्व को बनाये रखने के लिए ये ज़रूरत सबसे अहम् होती है। लेकिन उसके बड़े होने के साथ-साथ उसके अधिकार भी बढ़ने लगते हैं। बच्चे के पढ़ने-लिखने और अपनी परवरिश आदि के लिए उसको समुचित सुविधाएँ और वातावरण देना भी ज़रूरी अधिकारों में आता है। उन्हें आत्म-सम्मान के साथ जीने के लिए, अपने विकास के लिए और आगे बढ़ने के लिए कुछ हालात ऐसे चाहिए, जिससे की उनके रास्ते में कोई व्यवधान न आये। पूरे विश्व में इस बात को अनुभव किया गया है और इसीलिए मानवीय मूल्यों की अवहेलना होने पर वे सक्रिय हो जाते हैं। इसके लिए हमारे संविधान में भी उल्लेख किया गया है। संविधान के अनुच्छेद 14,15,16,17,19,20,21,23,24,39,43,45 देश में मानवाधिकारों की रक्षा करने के सुनिश्चित हैं। सिर्फ इतना ही नहीं, इस दिशा में आयोग के अतिरिक्त कई संगठन भी काम कर रहे हैं और साथ ही कुछ समाजसेवी लोग भी इस दिशा में अकेले ही काम कर रहे हैं,
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार मानवाधिकार वे अधिकार हैं जो हमारे पास केवल इसलिए हैं, क्योंकि हम मानव है वे किसी भी राज्य द्वारा प्रदान नहीं किए गए हैं। राष्ट्रीयता, लिंग, जातीय मूल, रंग, धर्म, भाषा, या किसी अन्य के कारण भेदभाव किए बिना, ये सार्वभौमिक अधिकार हम सभी के लिए प्रकृति प्रदत्त हैं कार्यक्रम में शामिल पदाधिकारी सुहेल खान नगर सचिव वसीम अहमद नगर सचिव तमाम सदस्य वह मित्र गढ़ आदि मौजूद रहे,
