Aftab Khan,,, human rights council, AMMP 24 News: Date: Sun, 21 Nov 2021 09:54 PM

आपको बता दें, संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रविवार को एक खुला पत्र लिखा। पत्र में किसानों ने अपनी छह लंबित मांगों को पूरा करने की अपील प्रधानमंत्री मोदी से की। किसानों ने कहा कि इन मांगों के पूरा होने पर वह अपने गांवों व खेतों में लौट जाएंगे।
किसानों ने अपने पत्र में लिखा कि प्रधानमंत्री ने द्विपक्षीय वार्ता के बजाय एकतरफा फैसला लिया है। हालांकि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के एलान का स्वागत किया। संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि तीनों कानूनों को वापस लेने का वादा आपकी सरकार जल्द से जल्द पूरा करे। मोर्चा ने कहा कि तीन कृषि कानूनों को रद्द कराना किसानों की एकमात्र मांग नहीं है। हमारी छह लंबित मांगों के पूरा होने के बाद किसान अपने गांव और खेतों में वापस चले जाएंगे। सरकार को जल्द बातचीत करनी चाहिए। मांगें नहीं पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
1- संयुक्त किसान मोर्चा ने अपने पत्र में सभी किसानों व कृषि उपजों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी का कानून बनाने की मांग उठाई है।
2- सरकार द्वारा प्रस्तावित विद्युत अधिनियम संशोधन विधेयक 2020/2021 का ड्रॉप्ट वापस लिया जाए। किसानों का कहना है कि वार्ता के दौरान सरकार ने इसे वापस लेने का वादा किया था लेकिन बाद में वादाखिलाफी कर सरकार ने इसे संसद की कार्यसूची में शामिल किया था।
3- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र व इससे जुड़े क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए आयोग अधिनियम 2021 में किसानों को सजा के प्रावधान को हटाया जाए।
4- दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और अनेक राज्यों में हजारों किसानों के खिलाफ दर्ज मामलों को तत्काल वापस लेने की मांग संयुक्त किसान मोर्चा ने अपने पत्र में उठाई है।
5- पत्र में किसान मोर्चा ने केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी को बर्खास्त व गिरफ्तार करने की मांग की।
6- आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले 700 किसानों के परिजनों को मुआवजा व पुनर्वास की मांग। शहीद किसानों की याद में सिंघु बॉर्डर पर स्मारक बनाने के लिए जमीन भी मांगी। au
