Aftab Khan,,, मानवाधिकार मीडिया AMMP 24 News: Date: Thu, 11 Nov 2021 12:47 PM

आपको बता दें,कासगंज पुलिस हिरासत में अल्ताफ की मौत के मामले के बाद उत्तर प्रदेश में राजनीति गरमाने लगी है। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में कहा है कि क्या उत्तर प्रदेश में मानव अधिकार नाम की कोई चीज बची है। वहीं कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट करके पुलिस कस्टडी में मौत की घटनाओं पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा है कि पुलिस कस्टडी में मौत जैसी घटनाओं से साफ है कि अब प्रदेश में रक्षक ही भक्षक बन चुके हैं। उत्तर प्रदेश में पुलिस हिरासत में मौत का आंकड़ा सबसे ऊंचा है। भाजपा राज में कानून व्यवस्था पूर्ण रूप से ध्वस्त हो चुकी है।
बसपा की मुखिया ने सरकार को बताया विफल
बसपा मुखिया मायावती ने कहा कि कासगंज पुलिस की कस्टडी में एक और युवक की मौत अति दुखद एवं शर्मनाक है। सरकार की ओर से घटना की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों को सख्त सजा दी जाए और पीड़ित परिवार की मदद की जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस हिरासत में मौत रोकने और पुलिस को जनता की रक्षक बनाने में भारतीय जनता पार्टी की सरकार पूरी तरह से विफल साबित हो रही है, यह चिंता की बात है।
वहीं ओवैसी ने ट्वीट किया कि शौचालय के नल में डोरी लगाकर कोई कैसे आत्महत्या कर सकता है? उन्होंने मामले की न्यायिक जांच की मांग करते हुए आरोपी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किए जाने की मांग की है। इसके अलावा अल्ताफ के परिवार को मुआवजा देने की मांग भी उठाई है।
बताते चलें,मंगलवार को सायं सदर कोतवाली में हवालात में आरोपी द्वारा फांसी लगाये जाने की घटना की प्रशासन जांच कराएगा। डीएम ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। पटियाली एसडीएम को जांच अधिकारी नामित किया है। डीएम ने परिजनों को पूरा भरोसा दिया है कि उनकी हर संभव मदद की जायेगी। डीएम ने यह भी भरोसा दिया है कि प्रयास किया जाएगा कि योग्यता के आधार पर परिवार के सदस्य को किसी विभाग में संविदा पर नौकरी दी जाए।
