रणजीत सिंह मर्डर केस:रामरहीम समेत पांचों दोषियों को आजीवन कारावास, डेरा प्रमुख पर 31 लाख का जुर्माना भी:

Aftab Khan,,, मानवाधिकार मीडिया AMMP 24 News: Date:Mon, 18 Oct 2021 06:17 PM

पंचकूला सीबीआई की विशेष अदालत में तैनात आईटीबीपी के जवान:-फोटो, AMMP 24 News

19 साल बाद रणजीत सिंह के परिवार को इंसाफ मिल गया।  पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत ने राम रहीम समेत पांचों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

विस्तार
आपको बता दें, बहुचर्चित रणजीत सिंह हत्याकांड में 19 साल बाद सोमवार को सीबीआई की विशेष कोर्ट ने डेरामुखी गुरमीत राम रहीम सहित पांचों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने गुरमीत राम रहीम को उम्रकैद की सजा सुनाने के साथ ही 31 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। डेरामुखी सीबीआई की विशेष अदालत में रोहतक की सुनारिया जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुआ। इसके अलावा दोषी कृष्ण कुमार, अवतार सिंह, जसवीर सिंह और सबदिल कोर्ट में पेश हुए। 

सीबीआई की विशेष अदालत के जज डॉ. सुशील गर्ग ने सजा सुनाने से पहले अभियोजन और बचाव पक्ष के वकीलों की दलीलें सुनीं। इसमें मामले में अदालत ने पांचों को बीते 8 अक्तूबर को दोषी करार दिया था। डेरामुखी के अलावा कोर्ट ने दोषी कृष्ण कुमार पर 1.25 लाख रुपये, सबदिल पर 1.50 लाख रुपये, जसवीर पर 1.25 लाख रुपये, और अवतार सिंह पर 75000 रुपये का जुर्माना लगाया है।

सीबीआई के विशेष वकील एचपीएस वर्मा ने बताया कि 19 साल पुराने इस मामले में 12 अगस्त को बचाव पक्ष की अंतिम बहस पूरी हो गई थी। इस मामले में फैसला 26 अगस्त के लिए सुरक्षित रखा था। रणजीत सिंह के बेटे ने जज बदलने की मांग को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका पर सुनवाई के कारण यह फैसला लंबित हो गया था। हाईकोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया था।

आठ अक्तूबर को पांचों को दोषी करार दिया था 
इसके बाद सीबीआई की अदालत ने बीते 8 अक्तूबर को डेरामुखी सहित पांचों आरोपियों को दोषी करार दिया था। वहीं इस मामले में 12 अक्तूबर को डेरामुखी की तरफ से आठ पेजों की अर्जी दाखिल कर सजा में अपने सामाजिक काम के आधार पर रियायत देने की मांग की थी। कोर्ट ने इस अर्जी को खारिज कर दिया था। 
यह था मामला 
10 जुलाई 2002 को डेरा सच्चा सौदा की प्रबंधन समिति के सदस्य रहे कुरुक्षेत्र के रणजीत सिंह की उस समय गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी जब वह खानपुर कोलियां में अपने पिता को खेतों में चाय देकर लौट रहे थे। सीबीआई के आरोप पत्र के अनुसार डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को रणजीत सिंह पर शक था कि उन्होंने डेरे के अंदर महिला अनुयायियों (साध्वियों) के यौन शोषण करने का आरोप लगाकर गुमनाम पत्र बंटवाया है। 

10 नवंबर 2003 को हाईकोर्ट ने मामले में सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। 31 जुलाई 2007 को साध्वी यौन शोषण, रणजीत सिंह हत्या और रामचंद्र छत्रपति हत्या केस में सीबीआई कोर्ट में चालान पेश किए गए। इसमें 251 पेशी हुई और 61 गवाहों के बयान दर्ज किए। इसके बाद बीते 8 अक्तूबर को सीबीआई की विशेष अदालत ने राम रहीम सहित सभी को दोषी करार दिया था। 

इन धाराओं में कोर्ट ने सुनाई सजा
डेरामुखी गुरमीत राम रहीम और कृष्ण कुमार को कोर्ट ने आईपीसी की धारा-302 (हत्या), 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र रचना) और 506 (धमकी देना) की धाराओं के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई। वहीं, अवतार सिंह और जसवीर सिंह पर आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र रचना) और 506 (धमकी देना) की धाराओं के तहत सजा सुनाई। वही दोषी सबदिल को आईपीसी की धारा-302 (हत्या), 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र रचना) और 506 (धमकी देना)और 27 आर्म्स एक्ट के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई।

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